आतंकवाद के उन्मूलन के लिए तुष्टिकरण की नीति त्यागनी होगी : धूमल
हिमाचल सूचना एवं जनसंपर्क की विज्ञप्ति के अनुसार धूमल रविवार को जालन्धर में हिन्द समाचार पत्र समूह द्वारा आयोजित 'शहीद परिवार फंड' के 100वें कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के उन्मूलन के लिए हमें तुष्टिकरण की नीति भी त्यागनी होगी। उन्होंने कहा कि विघटनकारी व पृथकतावादी शक्तियां कभी भी अपने नापाक मनसूबों में सफल नहीं हो सकती क्योंकि देश की एकता व अखंडता को कायम रखने के लिए देशवासी कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदानों को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
धूमल ने कहा कि देश का इतिहास कुर्बानी का इतिहास है तथा हिमाचल प्रदेश जैसे एक छोटे से राज्य ने भी कुर्बानियों की मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि देश का पहला परमवीर चक्र भी एक हिमाचल सपूत मेजर सोमनाथ को मिला था और कारगिल की जंग में भी चार परमवीर चक्रों में से दो परमवीर चक्र हिमाचल के जवानों को मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए एकजुट होकर लड़ने के साथ-साथ उन परिवारों की सहायता करना भी हम सबका दायित्व बनाता है, जो आतंकवाद के शिकार हुए हैं।
उन्होंने हिन्द समाचार पत्र समूह द्वारा आतंकवाद पीड़ितों की आर्थिक सहायता के शुरू किए गए 'शहीदा परिवार फंड' को एक पुनीत यज्ञ की संज्ञा दी और इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि इस फंड द्वारा अब तक 7797 परिवारों को 9़ 25 करोड़ रुपये से अधिक की मदद की जा चुकी है।
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी, पांडिचेरी के उप राज्यपाल इकबाल सिंह, पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिन्दर कौर भठ्ठल और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर, सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में 130 परिवारों को 19 लाख 50 हजार रुपये की राहत राशि भी प्रदान की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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