'खाप' के अवैध फैसले में शामिल रहने पर दो कर्मचारी निलंबित
रोहतक के उपायुक्त पी. सी. मीणा ने दो नंबरदारों (राजस्व कर्मचारियों) अजमेर सिंह और वीरेंद्र को निलंबित कर दिया क्योंकि ये दोनों खेड़ी की उस 'खाप' के सदस्य थे जिसने यह विवादास्पद निर्णय दिया था।
मीणा ने कहा कि कर्मचारियों का दायित्व शांति और सामाजिक सौहाद्र्र बनाए रखने के साथ विवाद को निपटाने का था लेकिन इन्होंने बिल्कुल विपरीत काम किया।
उन्होंने कहा कि 'खाप' का निर्णय समाज के हित में नहीं था।
इस सप्ताह ऐसा दूसरी बार हुआ है जब प्रशासन ने 'खाप' के अवैध निर्णयों में भागीदारी करने के आरोप में कर्मचारियों पर कार्रवाई की है।
इससे पहले भिवानी जिला प्रशासन ने एक सरपंच समेत ग्रामीण पंचायत के दो सदस्यों को निलंबित कर दिया था क्योंकि वह उस खाप में शामिल थे जिसने एक जोड़े की शादी को खारिज कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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