नियंत्रण रेखा से होने वाले व्यापार से आतंकवादियों को मिलता है धन?
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अशोक खजूरिया के एक प्रश्न के लिखित जवाब में राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री एस. एस. सलाथिया ने शनिवार को विधानसभा में यह खुलासा किया।
उन्होंने कहा, "यह सच है कि नियंत्रण रेखा से व्यापार करने वाले कुछ लोग राज्य में हिंसा फैलाने वाले आतंकवादियों की मदद करते हैं।"
सलाथिया ने कहा कि धन प्राप्त करने वाले आतंकवादी संगठनों में लश्कर-ए-तैयबा भी शामिल है। उन्होंने एक कंपनी पर काले धन को सफेद करने का आरोप लगाया।
पुलिस जांच का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, "कश्मीर घाटी में आतंकवादी गतिविधियां फैलाने वाले लश्कर-ए-तैयबा के सदस्यों के बीच 13,85,000 रुपये की राशि बांटी गई है। इस सिलसिले में मामला दर्ज किया गया है।"
नियंत्रण रेखा से अक्टूबर 2008 में व्यापार की शुरुआत हुई थी। घाटी के व्यापारियों की मांग की थी कि जम्मू एवं कश्मीर और पाक अधिकृत कश्मीर के बीच व्यापार की अनुमति दी जाए। इस मांग को लेकर व्यापारियों ने काफी प्रदर्शन भी किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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