बाल अधिकार संरक्षण आयोग के खिलाफ याचिका स्वीकार
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि टीवी रियलिटी शो की जांच पूरी किए बगैर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के पास शो का प्रसारण रोकने का अधिकार नहीं है।
गत सप्ताह दिए गए अपने एक आदेश में न्यायाधीश एस. मुरलीधर ने कहा, "जांच पूरी किए बगैर एनसीपीसीआर को कोई निर्देश जारी करने का अधिकार नहीं है। जांच के बाद वह संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपनी संस्तुति सरकार के पास भेज सकता है।"
समाचार चैनल एनडीटीवी इमैजिन ने एनसीपीसीआर के उस आदेश को अदालत में चुनौती दी थी जिसमें आयोग ने टीवी रियलिटी शो 'पती पत्नी और वो' के प्रसारण पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। बाद में अदालत ने इस रोक को हटा दिया था।
गत वर्ष 28 सिंतबर को एनडीटीवी इमैजिन पर टीवी रियलिटी शो 'पती पत्नी और वो' शुरू किया गया था। चैनल को तुरंत ही एनसीपीसीआर की नाराजगी का सामना करना पड़ा था जिसमें उसने कथित तौर पर बच्चों के शोषण का आरोप लगाया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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