न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा को सही ठहराया
न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग और सुरेश कैत की खंडपीठ ने कहा, "उसने पत्नी के सिर पर बेलन से लगातार वार किया और वह यह जानता था कि ऐसा करने से उसकी पत्नी की मृत्यु हो सकती है।"
गौरतलब है कि सात सितंबर, 2005 में राजेश ने पत्नी कविता के सर पर बेलन से कई बार वार किया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। राजेश को हत्या और दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
राजेश की दया संबंधी याचिका को खारिज करते हुए न्यायधीशों ने कहा, "तीनों गवाहों के बयानों से यह साबित हो गया है कि राजेश ने निर्दयतापूर्वकपत्नी की हत्या की है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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