सीबीआई की विशेष अदालत करेगी सज्जन कुमार के मामले की सुनवाई (लीड-1)
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (एसीसीएम) लोकेश कुमार ने मामले को सत्र न्यायालय को सौंपते हुए आरोपियों द्वारा दायर उस याचिका को स्वीकार करने से इंकार कर दिया जिसमें जांच एजेंसी के दस्तावेजों की मांग की गई थी।
सज्जन कुमार और अन्य आरोपी अदालत में पेश हुए। आरोपियों ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप के समर्थन में सीबीआई संबंधित दस्तावेज नहीं उपलब्ध करा सकी है।
इस पर न्यायाधीश लोकेश कुमार ने कहा कि यह याचिका सत्र न्यायालय में दायर की जानी चाहिए।
सज्जन कुमार ने मांग की थी कि मामले की जांच के दौरान इकट्ठा किए गए दस्तावेजों और बयानों को जांच एजेंसी प्रस्तुत करे।
मामले को सत्र न्यायालय को इसलिए सौंपा गया क्योंकि न्यायाधीश लोकेश कुमार के पास हत्या से जुड़े मामले को सुनने का अधिकार नहीं है।
सज्जन कुमार की तरफ से वरिष्ठ वकील आई. यू. खान ने कहा कि मामले की निष्पक्ष सुनवाई के लिए जरूरी दस्तावेजों को प्रस्तुत करने में सीबीआई असफल रही है।
न्यायाधीश लोकेश कुमार ने कहा, "मैंने दस्तावेजों को देखा है। यह बहुत भारी-भरकम है और इतने कम समय के भीतर इसका निरीक्षण कर पाना संभव नहीं है।"
सुनवाई के दौरान अदालत परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और अदालत के बाहर प्रदर्शन करने पर प्रंतिबंध लगा दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि सज्जन कुमार और अन्य आरोपियों को 10 मार्च को न्यायालय ने जमानत दे दी थी।
गैर जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद सज्जन कुमार अदालत में पेश हुए थे।
सज्जन कुमार और अन्य आरोपियों को 26 फरवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत दी थी।
पीड़ित परिवारों की तरफ से वरिष्ठ वकील एच. एस. फुल्का ने कहा, "उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ हम पहले ही सर्वोच्च न्यायालय में अपील कर चुके हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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