पाक से संधि से हुए जल नुकसान का आकलन करेगा कश्मीर
आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि प्रतिबंधों के चलते राज्य झेलम, सिंधु और चेनाब नदियों के पानी का उपयोग नहीं कर सकता।
विश्व बैंक की मध्यस्थता में वर्ष 1960 में हुई संधि के अनुसार भारत को रावी, सतलुज और ब्यास के जल पर पूर्ण नियंत्रण दिया गया। ये नदियां पंजाब से होकर पाकिस्तान में प्रवेश करती हैं।
इसके बदले में पाकिस्तान को जम्मू एवं कश्मीर की तीनों नदियों के जल के उपयोग पर निगरानी का पूरा अधिकार दिया गया।
राज्य के प्रमुख विपक्षी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने केंद्र सरकार से संधि के कारण राज्य को हुए नुकसान के लिए मुआवजा देने की मांग की।
पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक जनसभा में इस मांग को दोहराते हुए कहा कि जम्मू एवं कश्मीर को मुआवजा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने आईएएनएस से कहा, "यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच है तथा हमें दिल्ली से मुआवजा मांगने का अधिकार है।"
एक सरकारी अधिकारी ने कहा, "जब तक हमारे पास राज्य को हुए नुकसान की पूरी तस्वीर नहीं होगी, हम मुआवजा के लिए कैसे कह सकते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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