कश्मीर से 35,000 सैनिक हटाए गए

कश्मीर में सेना को हटाए जाने की मांग होती रही है
राज्य की प्रमुख विपक्षी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और अलगाववादी संगठनों की हमेशा से मांग रही है कि कश्मीर में सैनिकों की संख्या में कटौती की जाए क्योंकि इनकी मौजूदगी से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है और मानवाधिकारों का हनन भी होता है। सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस की भी राय रही है कि घाटी में सैनिकों की संख्या में कटौती करना आवश्यक है।
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उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस कदम का विरोध कर रही है। भाजपा विधायक दल के नेता चमन लाल गुप्ता ने विधानसभा में कहा कि सैनिकों की संख्या में कटौती से राज्य में आतंकवाद को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, "इससे आतंकवादी संगठनों को फिर से संगठित होने को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के हालात बदतर हो जाएंगे।" मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने वादा किया है कि आने वाले दिनों में सैनिकों की संख्या में अभी और कटौती की जाएगी।












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