जरूरी चीजें हो रही हैं सस्ती : शरद पवार
खरीफ अभियान पर आयोजित एक सम्मेलन में उपस्थित पवार बेले कि "चीनी, आलू और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी हो रही है। स्थिति निश्चित रूप से बदल रही है और यह एक अच्छा संकेत है।" उल्लेखनीय है कि दालों, अनाजों और सब्जियों की कीमतों में गिरावट से वार्षिक खाद्य महंगाई दर छह मार्च को समाप्त सप्ताह में गिरकर 16.30 प्रतिशत हो गई। जबकि पिछले सप्ताह खाद्य महंगाई दर 17.81 प्रतिशत थी।
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इसके अलावा गुरुवार को जारी थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित आंकड़ों के अनुसार पिछले सप्ताह की तुलना में खाद्य वस्तुओं की महंगाई में 1.09 प्रतिशत और गैर खाद्य वस्तुओं की महंगाई में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई है। लेकिन चिंताजनक बात ये है कि जहां एक ओर इन चीजों की कीमतें कम हुईं हैं वहीं दूसरी ओर वार्षिक आधार पर अधिकांश आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है, हालांकि प्याज 9.87 प्रतिशत सस्ता हुआ है।
गौरतलब है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में हो रही बढ़ोत्तरी के कारण केंद्र सरकार खासी चिंतित है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी समेत सत्तारूढ़ पार्टी की अध्यक्षा सोनिया गांधी सभी बढ़ती महंगाई पर अपनी चिंता व्यक्त कर चुके हैं। हालांकि सभी ने महंगाई के लिए एक स्वर से राज्य सरकारों को देषी ठहराया है। जबकि राज्य सरकारें बढञती महंगाई के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेवार ठहराती हैं।













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