बढ़ती कीमतें यानी महंगाई का महाघोटाला

नई दिल्ली। ये अजीबोगरीब दृश्य उपस्थित हुआ लोकसभा के गलियारों में जब महंगाई जैसे गंभीर विषय पर पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी था। महंगाई के मुद्दे पर जारी चर्चा के दौरान विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज आक्रामक मुद्रा में अपनी बात रख रहीं थीं। अपने पहले भाषण में सरकार पर बरसते हुए सुषमा स्वराज ने इसे 'महंगाई का महाघोटाला'करार दिया।

बरसती रहीं सुषमा, मुस्काते रहे पवार

सुषमा स्वराज खाद्यान्नों की कीमतों पर काबू पाने में विफल रहने के लिए सरकार पर एक के बाद एक तीखे वार किए जा रहीं थी और सदन में बैठे केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार हौले-हौले मुस्कुराये जा रहे थे। बढ़ती कीमतों पर सदन में चर्चा की शुरुआत करते हुए सुषमा ने कहा, "वह (पवार) मुस्कुरा रहे हैं। उनकी मुस्कुराहट मत देखिए। सरकार की गलत नीतियों का फल भुगत रहे गरीबों की आंखों में आंसू को देखिए।"

अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव के तहत मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को अस्वीकार कर दिए जाने के बाद यह चर्चा हुई थी। बुधवार को विपक्ष बिना वोटिंग वाले एक नियम के तहत दोनों सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमत हो गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार बढ़ते हुए मूल्यों पर लगाम कसने में पूरी तरह असफल रही है।

विपक्ष की नेता कहा, "यह सरकार की आर्थिक नीतियों की असफलता का परिणाम है. पिछले कुछ महीनों में गेहूं, चावल, चीनी और दाल के मूल्य दोगुने हो गए हैं। कृषि मंत्री बफर स्टॉक बनाने में असफल रहे हैं जबकि हमारे पास चीनी का अतिरिक्त स्टॉक है।" सुषमा स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मुद्रास्फीति दर और विकास दर की तुलना करना चाहिए। उन्होंने कहा, "विकास दर का लाभ कम लोगों को मिला है जबकि सभी लोग मुद्रास्फीति के शिकार हैं।"

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+