मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनी 'लाइफलाइन एक्सप्रेस'

सासाराम/नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। स्वास्थ परीक्षण के लिए चलाई गई रेलगाड़ी 'लाइफलाइन एक्सप्रेस' बिहार के सासाराम में मिर्गी के मरीजों के लिए उम्मीद की एक किरण बनकर पहुंची।

अस्पताल की सुविधाओं वाली दुनिया की पहली रेलगाड़ी 'लाइफलाइन एक्सप्रेस' सासाराम में दो दिन तक रुकी। इस दौरान भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की तंत्रिका विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर ममता भूषण सिंह ने मिर्गी के करीब 180 मरीजों का परीक्षण किया।

ग्रामीण इलाके के मिर्गी के मरीजों ने पहली बार एम्स के चिकित्सक से सलाह ली।

सिंह ने आईएएनएस को बताया, "सासाराम में बमुश्किल ही मिर्गी का कोई मरीज इलाज करा रहा था। ज्यादातर मरीज किसी न किसी नीम हकीम या ओझा से अपना इलाज करा रहे थे।"

ग्रामीण इलाके में इस तरह की चिकित्सा सुविधा मिलने से लोग खुश नजर आ रहे थे। कोई भी परिवार या मरीज इस मौके को खोना नहीं चाहता था।

गौरतलब है कि 'लाइफलाइन एक्सप्रेस' एक गैर लाभकारी संगठन 'इंपैक्ट इंडिया फाउंडेशन' के द्वारा चलाई जा रही है। इससे जुड़े चिकित्सक तमाम तरह की बीमारियों मसलन ओंठ और मोतियाबिंद का ऑपरेशन मुफ्त में करते हैं।

इस रेलगाड़ी में मिर्गी की बीमारी का इलाज एक साल पहले ही शुरू किया गया था, जब यह चिकित्सा यात्रा शुरू हुई तो इसके बोर्ड में सिंह को भी शामिल करने के लिए आमंत्रित किया गया।

लाइफलाइन एक्सप्रेस का अगला पड़ाव मध्य प्रदेश में डाबरा है जहां वह अगले सप्ताह पहुंचेगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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