इसरो में गोलीबारी के सबूत नहीं : मंत्री (लीड-1)
राज्य विधान परिषद में आचार्य ने कहा कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक संतरी ने मंगलवार तड़के गोलियां चलाईं थी क्योंकि उसे लगा था कि कुछ लोग परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे हैं।
ब्यालालू स्थित डीएसएन केंद्र पर तैनात इस संतरी की पहचान जाधव के रूप में हुई है। इसने मंगलवार तड़के दो संदिग्धों पर आठ राउंड गोलियां चलाने का दावा किया था।
गृह मंत्री ने कहा कि संतरी द्वारा चलाई गई गोली के छह खाली खोखे घटनास्थल से मिले हैं लेकिन किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा गोली चलाने का कोई प्रमाण नहीं है।
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) ए. आर. इंफैंट के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना करके मामले की जांच की है।
उधर, जनता दल-सेक्युलर के सदस्य एम. सी. नानैया ने कहा कि गृह मंत्री का बयान इसरो द्वारा दिए गए बयान का खंडन करता है।
उन्होंने कहा कि चूंकि यह मामला सुरक्षा से जुड़ा हुआ है इसलिए इसमें सतर्कता बरती जानी चाहिए।
आचार्य ने कहा कि राज्य सरकार ने घटना के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है।
इससे पहले दिन में गृह मंत्री ने संवाददाताओं से कहा था कि यह घटना गलतफहमी के कारण हुई मालूम होती है और इसे महत्व देने की आवश्यकता नहीं है।
इसरो ने चंद्रयान-1 से आंकड़े और चित्र हासिल करने के लिए वर्ष 2007 में इस केंद्र की स्थापना की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications