कार्टून के जरिए निशाना साधते ब्लॉग
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। ब्लॉग इन दिनों अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बनकर सामने आ रहा है। साहित्य, राजनीति, सिनेमा, संगीत की बातें जहां ब्लॉग जगत में हो रही हैं वहीं कार्टून की सहायता से भी ब्लॉगर चुटीले अंदाज में अपनी बात कह रहे हैं।
ब्लॉग जगत में कई कार्टूनिस्ट बेहद सक्रिय हैं। ये सभी समसामयिक मुद्दों पर कार्टून के जरिए टिप्पणी करते हैं। 'कार्टून कमंडल' ने महिला आरक्षण विधेयक मुद्दे पर 'कहीं आप भी तो महिला विधेयक का विरोध नहीं कर रहे हैं?' शीर्षक से टिप्पणी की है, जिसमें एक सांसद को "कुछ नहीं अपने हाउस में महिला आरक्षण का विरोध कर बैठा!" कहते दिखाया गया है।
'कार्टून अटैक' ने बाबाओं पर टिप्पणी की है। ब्लॉग में 'जेल में साधु संत' शीर्षक से एक कार्टून लगाया गया है, जिसमें एक व्यक्ति को 'बाबाओं की करतूत' से संबंधित खबरों को पढ़ते दिखाया गया है, अखबार पढ़ने के बाद वह कहता है कि अब जेल में केवल बाबा ही नजर आएंगे।
'कार्टून धमाका' ने बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर टिप्पणी की है, जिसमें चीनी की कीमत को केंद्र में रखकर कार्टून के जरिए केंद्रीय कृषि मंत्री पर वार किया गया है। 'इतनी सी बात' में 'इस मरीज की आवाज सुनो मनमोहन सिंह' शीर्षक से टिप्पणी की गई है। ब्लॉगर ने एक कार्टून पेश किया है, जिसमें प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री एक साथ दिखते हैं और कुछ लोग महंगाई को लेकर त्राहिमाम मचा रहे हैं।
हिंदी ब्लॉग की दुनिया में वैसे तो कार्टून संबंधी ब्लॉगों की संख्या अधिक नहीं है लेकिन जो भी हैं, उनकी पैनी नजर समसामयिक मुद्दों पर बनी रहती हैं। 'करंट कार्टून' हो या फिर 'इतनी सी बात' , ये सभी बेबाक होकर कार्टून के जरिए अपनी बातें लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इन ब्लॉगों पर पाठकों की ओर से मिलने वाली ढेर सारी प्रतिक्रियाएं इस बात का इशारा कर रही हैं कि इन ब्लॉगरों की आवाज दूर तक पहुंच रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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