फरजाना को बहादुरी के लिए मिला राष्ट्रपति पदक चोरी
फरजाना ने बताया कि गुरुवार को उसके घर से चोरों ने महत्वपूर्ण प्रमाण पत्र, पदक और रुपये चोरी कर लिए। पदक और प्रमाण पत्र एक लकड़ी के बक्से में रखा हुआ था। चोर इस बक्से को ही उठाकर अपने साथ ले गए।
उल्लेखनीय है कि फरजाना को बहादुरी के लिए वर्ष 2007 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उसने एक महिला, एक पुरूष और तीन बच्चों को नदी में डूबने से बचाया था।
पूर्णिया जिले के बायसी थाना क्षेत्र के बिसहरिया गांव निवासी जमील अहमद की पुत्री 19 वर्षीय पुत्री फरजाना वर्तमान में बायसी के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही है।
इधर, इस चोरी की एक प्राथमिकी बायसी थाना में दर्ज करा दी गई है तथा पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। बायसी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शंकर झा ने शनिवार को आईएएनएस को बताया कि शुक्रवार को उसी नदी के किनारे से कुछ प्रमाण पत्र की कॉपी और टूटे-फूटे मेडल बरामद किए गए हैं, जिस नदी में फरजाना ने लोगों को डूबने से बचाया था।
उन्होंने बताया की चोर अपने साथ पदक तो ले भागे जबकि अन्य कागजात और प्रमाणपत्र नदी के किनारे फेंक गए।
ज्ञात हो कि फरजाना के पिता जमील अहमद मजदूरी का काम करते हैं। राज्य सरकार ने भी वर्ष 2008 में गणतंत्र दिवस के मौके पर फरजाना को बहादुरी के लिए सम्मनित करते हुए 45,000 रुपए का चेक और प्रशस्ति पत्र दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications