मिजोरम में वनों की सफाई के दौरान लगी आग में दो मरे
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया, " दो भाइयों 47 वर्षीय सी.लालरिनमुआना और 35 वर्षीय लालरिनछाना की उस समय जलकर मौत हो गई जब वह लुंगलेई जिले के थेरियट गांव में अपने जंगली क्षेत्र झूम को जला रहे थे।"
पूर्वोत्तर राज्यों के पहाड़ी इलाकों में जनजातीय लोग पारंपरिक तरीके से वनों की सफाई कर पेड़ों और बांसों को जलाते हैं जिसे स्थानीय भाषा में 'झूम' कहा जाता है।
मिजोरम में इस वर्ष फरवरी माह से ही इसी तरह के मामलों में अब तक कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है।
गौरतलब है कि यहां 80 फीसदी किसान अभी तक झूम खेती पर ही निर्भर हैं। झूम के तहत किसान जंगलों को साफ कर कटे हुए पेड़ों और बांसों को जलाते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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