मार्शलों से नहीं चलेगा लोकतंत्र : शरद

लोकसभा में गुरुवार को शरद ने कहा कि वह महिला आरक्षण के विरोधी नहीं हैं लेकिन इसमें मुस्लिम, पिछड़े और दलित वर्ग की महिलाओं के लिए भी आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए। मंगलवार को यह विधेयक राज्यसभा में भारी बहुमत से पारित कर दिया गया था।

उन्होंने कहा, "इस विधेयक में देश के 80 प्रतिशत लोगों को भी स्थान देना चाहिए, जिनकी आवाज नहीं सुनी जाती। लोकसभा के 70 फीसदी सदस्य इस विधेयक के विरोध में हैं। उन्हें स्वतंत्रता दे दी जाए तो ये 70 प्रतिशत सदस्य इसके विरोध में मतदान करेंगे। ऐसा नहीं हुआ तो मैं सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा।"

जद (यु) अध्यक्ष ने कहा कि एक राजनीतिक कार्यकर्ता हिंदुस्तान को सबसे अच्छी तरह जानता है और इनके बाद ही पत्रकार बिरादरी देश की नब्ज को समझती है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी की राय जान लेनी चाहिए और ऐसे में कोई रास्ता निकल सकता है।

शरद ने मंगलवार को राज्यसभा के प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि मार्शल से लोकतंत्र नहीं चलेगा। उल्लेखनीय है महिला आरक्षण विधेयक पेश किए जाने के दौरान अनुशासनहीन व्यवहार करने वाले सात सदस्यों कमाल अख्तर, नंदकिशोर यादव, वीरपाल सिंह यादव, आमिर अली खान, एजाज अली, सुभाष प्रसाद यादव और साबिर अली को मंगलवार को बजट सत्र के लिए राज्यसभा से निलंबित भी कर दिया गया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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