बिहार विधानसभा में महिला आरक्षण के मसले पर नारेबाजी
जनता दल (युनाइटेड) की विधायक पूनम देवी कहा कि वह विधेयक का विरोध कर रहे सांसदों तक बिहार विधानसभा से अपनी आवाज पहुंचाना चाहती हैं। उन्होंने विरोध करने वाले सभी सांसदों से महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में मतदान करने की अपील की, जिससे आधी आबादी को अधिकार मिल सके।
बिहार विधानसभा में 243 सीटें हैं और महिला विधायकों की वर्तमान संख्या 25 है। अगर वर्तमान विधेयक पास हो जाएगा तो बिहार विधानसभा में महिलाओं के लिए 83 सीटें आरक्षित हो जाएंगी।
आंकड़ों के अनुसार बिहार विधानसभा के वर्ष 1957 में हुए चुनाव में सबसे ज्यादा 34 महिलाएं चुनकर आईं थी। बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं। महिला आरक्षण विध्ेायक लागू होने पर 13 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी।
पिछले वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में बिहार में 18 महिला उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया और इनमें से चार महिलाओं को संसद जाने का मौका प्राप्त हुआ। बिहार से लोकसभा में सबसे ज्यादा नौ महिलाएं वर्ष 1984 के चुनाव में विजयी हुईं थीं।
राजनीतिक विश्लेषक सुरेंद्र किशोर के अनुसार महिला आरक्षण विधेयक इस वर्ष होने जा रहे आगामी विधानसभा चुनाव में प्रमुख मुद्दा बन जाए तो अजूबा नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि आरक्षण विधेयक के पारित होने से किसी भी क्षेत्र में राजनीतिक परिदृश्य बदल सकता है। किशोर ने कहा कि इस आरक्षण को अनंत काल तक टाले रखना या फिर महिलाओं को विधायिकाओं में भेजना उचित है, यह राजनीतिज्ञों को ही तय करना होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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