इराक पर हमले का निर्णय सही था : ब्राउन (लीड-1)
लंदन, 5 मार्च (आईएएनएस)। ब्रिटिश प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन ने ब्रिटेन द्वारा वर्ष 2003 में इराक पर किए गए हमले का बचाव किया है और उसे सही निर्णय बताया। लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि आक्रमणकारी सेना इराक में शीघ्र शांति स्थापित कर पाने में विफल रही।
ब्राउन ने पूर्व प्रशासनिक अधिकारी सर जॉन चिलकॉट के नेतृत्व वाली एक इनक्वोयरी को बताया, "यह सही कारणों के लिए लिया गया सही निर्णय था।"
इराक पर हमले का निर्णय लिए जाते समय ब्राउन टोनी ब्लेयर सरकार में वित्त मंत्री थे। ब्राउन ने इराक पर हमले के निर्णय को खौफनाक बताया और कहा कि यह निर्णय इसलिए लेना पड़ा क्योंकि इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन ने अंतर्राष्ट्रीय कानून को खारिज कर दिया था।
ब्राउन ने कहा, "यदि यहां नियमों को तोड़ने वाले आतंकी हो या फिर ऐसे आक्रामक देश जो अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को मानने से इंकार कर देते हो तो ऐसी स्थिति में कोई अंतर्राष्ट्रीय समुदाय नहीं टिक सकता।"
ब्राउन ने कहा, "हमने लड़ाई तो सात दिनों के भीतर ही जीत ली थी, लेकिन इराक में शांति स्थापना में पूरे सात साल लग गए।"
ब्राउन ने कहा कि वह सैनिकों और सशस्त्र बलों के सदस्यों को उनकी कुृर्बानियों के लिए अपनी श्रद्धांजलि देना चाहते हैं।
इराक में हजारों नागरिकों की मौत और तमाम घायल नागरिकों का खासतौर से जिक्र करते हुए ब्राउन ने कहा, "हमारी संवेदना उनके परिजनों के साथ है। किसी की मौत होना कुछ ऐसी स्थिति है, जो मुझे वास्तव में बहुत दुखी कर देती है।"
ब्रिटेन में आम चुनाव के चंद सप्ताह पहले शुरू हुई इस सुनवाई से उम्मीद है कि यह युद्ध के वित्त पोषण और निर्णय प्रक्रिया में ब्राउन की भूमिका पर कुछ प्रकाश डालेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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