महंगाई पर लगेगी लगाम, विकास दर होगी 9 फीसदी : प्रधानमंत्री (राउंडअप)
प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा, "मैं कोई ऐसा व्यक्ति नहीं हूं, जिसे पिछले एक साल से महंगाई की स्थिति के बारे में चिंता नहीं है। मैं सदन को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि जनता को राहत देने वाला कोई व्यावहारिक तरीका जरूर अपनाया जाएगा। हमारी सरकार सदस्यों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "यह समझना जरूरी है कि वर्ष 1972 के बाद 2009 सबसे भयानक सूखे वाला साल रहा है। परिणामस्वरूप अनाज, दालहन व तिलहन के उत्पादन पर बुरा प्रभाव पड़ा है। गóो के उत्पादन में भी गिरावट आई है। इसके साथ ही आर्थिक मंदी भी रही है। इससे निपटने के लिए सरकार को मांग को प्रोत्साहित करना पड़ा था।"
प्रधानमंत्री के इस बयान से नाराज कुछ सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी, परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री का संबोधन सुन पाना कठिन हो गया। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदस्यों से शांति की अपील की।
अपने संबोधन को फिर से शुरू करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने अनाज, तेल, दाल और चीनी की अतिरिक्त मात्रा बाजार में जारी करने जैसे कई सारे कदम उठाए हैं, लेकिन राज्य सरकारों को भी जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जरूरी उपभोक्ता कानून को अमल में लाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा, "हम इस वर्ष 2.30 करोड़ टन चावल उपार्जित करने की स्थिति में होंगे। केंद्र सरकार के पास पर्याप्त खाद्य भंडार है, लिहाजा खाद्य पदार्थो की स्थिति को लेकर परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है।"
प्रधानमंत्री के अनुसार पिछले वर्ष भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 6.7 प्रतिशत रही और मौजूदा वित्त वर्ष के अंत में विकास दर 7.5 फीसदी होगी, जबकि दिसंबर 2008 से ही वैश्विक वित्तीय संकट और वर्ष 2009 में सूखे की दोहरी मार अर्थव्यवस्था पर पड़ी है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे विश्वास है कि अगले वित्त वर्ष में हम आठ फीसदी या उससे अधिक की विकास दर हासिल कर लेंगे और उसके बाद के वर्ष में हम नौ प्रतिशत की विकास दर हासिल करने में सक्षम होंगे।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि सरकार अर्थव्यवस्था का ठीक से प्रबंधन कर लेती है, सामाजिक और आधारभूत ढांचों को विकसित कर लेती है, शासन में सुधार कर लेती है और भ्रष्टाचार पर लगाम लगा लेती है तो दो अंकों की विकास दर हासिल करने से हमें कोई नहीं रोक सकता।
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार इसी सपने को साकार करने के लिए काम कर रही है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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