परियोजनाओं व संस्थाओं के नामकरण पर राष्ट्रीय नीति बने : आडवाणी
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चल रही बहस में भाग लेते हुए आडवाणी ने एक पत्रकार द्वारा भारत निर्वाचन आयोग को लिखे गए एक पत्र का हवाला देते हुए कहा, "जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, और राजीव गांधी के नाम पर 450 केंद्र व राज्य सरकारों के कार्यक्रमों, योजनाओं, स्टेडियमों, हवाई अड्डों, अस्पतालों, विश्वविद्यालयों का नामकरण हुआ है।"
उन्होंने कहा, "सरकारी योजनाओं और संस्थाओं के नामकरण राष्ट्रीय नेताओं के नाम पर किए जाने के मुद्दे पर एक राष्ट्रीय नीति बनाने के लिए संसद में बहस होनी चाहिए।"
आडवाणी ने कहा, "इससे भारत की समृद्ध सामाजिक, सांस्कृतिक व राजनीतिक बहुलता को ध्यान में रखते हुए सभी राष्ट्रीय नायकों को समान और व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।"
महान राजा कृष्णदेव राय के राज्यारोहण के 500वें वर्ष के समारोह का राष्ट्रपति के अभिभाषण में कोई उल्लेख न किए जाने पर निराशा जताते हुए उन्होंने कहा, "यह कांग्रेस की मानसिकता है कि सिर्फ नेहरू परिवार का नाम ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाए। आधुनिक, मध्य या प्रचाीन युग के अन्य सभी नामों को मात्र क्षेत्रीय पहचान तक सीमित रखा जाए। सरदार पटेल सिर्फ गुजरात, सुभाष चंद्र बोस बंगाल, अहिल्याबाई होल्कर सिर्फ मध्य प्रदेश, महाराणा प्रताप राजस्थान और शंकर देव असम के वर्ग तक सीमित रखे जाएं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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