आर्थिक समीक्षा: वर्ष 2009 में कम बारिश के कारण जलस्तर गिरा
केंद्रीय बजट से एक दिन पहले जारी हुई समीक्षा के मुताबिक, "मानसून 2009 की समाप्ति के समय देशभर के जलाशयों में 90.48 अरब क्यूबिक मीटर जल था जबकि वर्ष 2008 में मानसून की समाप्ति के समय जल स्तर 113.74 अरब क्यूबिक मीटर था और पिछले 10 वर्षो का औसत जल स्तर 100.95 अरब क्यूबिक मीटर है।"
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक देश के 81 प्रमुख जलाशयों के पूरी तरह से भरे होने की स्थिति में कुल जल संग्रह क्षमता 151.77 अरब क्यूबिक मीटर होती है।
रिपोर्ट के मुताबिक 2009 में सर्दियों (जनवरी-फरवरी) के दौरान देश में लंबी अवधि के औसत (एलपीए) के मुकाबले 46 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। मानसून पूर्व मार्च से मई के बीच औसत से 32 प्रतिशत कम बारिश हुई थी।
वर्ष 2009 में दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी मौसम के दौरान देश में हुई कुल बारिश औसत से 23 प्रतिशत कम रही। रिपोर्ट के मुताबिक देश के 59 प्रतिशत जिलों में कम बारिश दर्ज हुई।
देश में मानसून बाद अक्टूबर और दिसम्बर के बीच औसत से आठ प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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