काजीरंगा में गेंडों के शिकार पर नजर रखेगा बीएसएफ
एक सींग वाले गेंडों के लिए मशहूर इस विशाल राष्ट्रीय उद्यान में सुनियोजित ढंग से गेंडों का शिकार किया जाता है। शिकार के दौरान ज्यादातर गेंडों को सींग के लिए मार दिया जाता है।
वन्यजीव विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि काजीरंगा में बीएसएफ की तैनाती का फैसला शीर्ष स्तर पर हुई एक बैठक के दौरान लिया गया।
असम वन्यजीव प्रमुख वी.के. विश्नोई ने पत्रकारों से कहा, "बीएसएफ की तैनाती से काजीरंगा में सुनियोजित गिरोह द्वारा किए जा रहे शिकार पर रोक लगेगी। इससे इस राष्ट्रीय उद्यान में रहने वाले दूसरे जानवरों की भी सुरक्षा हो सकेगी।"
वर्ष 2009 में इस राष्ट्रीय उद्यान में 14 और 2008 में 18 गेंडों का शिकार किया गया था। पिछले दस वर्षो में यह पहला मौका है, जब एक वर्ष में सींग के लिए मारे गए गेंडों की संख्या दहाई अंकों तक पहुंची है।
1980 से 1997 तक इस राष्ट्रीय उद्यान में कुल 550 गेंडों को मारा जा चुका है। 1992 में यहां सर्वाधिक 48 गेंडों का शिकार हुआ था। वर्ष 2009 में की गई गणना के मुताबिक इस राष्ट्रीय उद्यान में कुल 2048 एक सींग वाले गेंडे थे। विश्व में इस समय कुल 3000 के करीब एक सींग वाले गेंडे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications