आर्थिक समीक्षा : 4 साल में विकास की दर दुनिया में सबसे ज्यादा (लीड-2)
आम बजट से पूर्व गुरुवार को लोकसभा में पेश 'आर्थिक समीक्षा 2009-10' में कहा गया है, "यह पूरी तरह संभव है कि देश की विकास दर दहाई अंक में पहुंच जाए। यहां तक की अगले चार वर्ष में इसके दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है।"
लोकसभा में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा पेश समीक्षा में कहा गया है, "संकट से पूरी तरह उबरने के बाद देश की अर्थव्यवस्था 8.5 फीसदी की दर से बढ़ेगी। इसमें 0.25 फीसदी का उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। विकास की यह दर वर्ष 2011-12 में नौ फीसदी के आंकड़ें को पार कर जाएगी।"
समीक्षा में कहा गया है, "अगले कुछ समय में यह आशा की जा सकती है कि विकास की दर नौ फीसदी की पटरी पर आ जाएगी जो वैश्विक वित्तीय संकट के कारण काफी नीचे चली गई थी।"
समीक्षा में कहा गया है कि ऐसे कई कारण है जिसके आधार पर कहा जा सकता है कि देश की अर्थव्यस्था की जड़ अब भी काफी मजबूत है। आज भी एक बहुत बड़ा जनसमूह कृर्षि से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ा हुआ है।
समीक्षा के मुताबिक कृषि क्षेत्र में चार फीसदी की विकास दर हासिल करने के लिए गंभीर नीतिगत कदम उठाने की जरूर है।
इसमें बढ़ती महंगाई को रोकने के सरकार के तरीकों की परोक्ष तौर पर आलोचना करते हुए कहा गया कि कुछ ऐसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को भी हवा दी जा सकती है जिनका पर्याप्त भंडार है।
इसमें कहा गया है, "जहां तक वर्तमान स्थिति का सवाल है तो आपूर्ति दबाव के कारण महंगाई में वृद्धि हुई है।"
सर्वेक्षण के अनुसार बेमेल आपूर्ति से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त और समय से इन सामानों की आपूर्ति वास्तविक चुनौती है।
समीक्षा के मुताबिक विकास दर में आई बढ़ोतरी से दिसंबर 2008 के बाद दिए गए 37 अरब डॉलर के वित्तीय प्रोत्साहनों की क्रमिक वापसी का मार्ग साफ हो गया है।
इसमें कहा गया है, "व्यापक राजकोषीय घाटे, अर्थव्यवस्था में सुधार के स्तर और वित्तीय प्रोत्साहन के बगैर सुधार में स्थायित्व को देखते हुए धीरे-धीरे वित्तीय समेकन की प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है।"
साथ ही समीक्षा में निर्यात क्षेत्र को और अधिक प्रोत्साहन देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। हालांकि इसमें कहा गया है कि वर्ष 2010 में दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में सुधार के संकेतों को देखते हुए देश के निर्यात में भी सुधार की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications