भारत-पाक ने वार्ता से पूर्व अलग-अलग एजेंडों का राग अलापा (राउंडअप)

मुंबई हमले के बाद भारत-पाकिस्तान पहली बार आपसी तनाव को कम करने की कोशिश के रूप में गुरुवार को औपचारिक द्विपक्षीय बातचीत शुरू करने जा रहे हैं। हालांकि दोनों पक्षों के एजेंडे अलग-अलग हैं।

नई दिल्ली ने साफ कर दिया है कि विदेश सचिव निरूपमा राव और पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर के बीच गुरुवार की बातचीत समग्र वार्ता प्रक्रिया को बहाल करना नहीं है और भविष्य का आदान-प्रदान आतंक मुक्त वातावरण पर निर्भर होगा।

दूसरी ओर पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर ने बुधवार को कहा कि वह बातचीत के सकारात्मक परिणाम तथा विवादास्पद मुद्दों पर भारत के साथ मतभेदों को दूर करने को लेकर आशावान हैं।

दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद बशीर ने कहा, "यह वापसी अच्छी है। मैं यहां मतभेदों को दूर करने आया हूं। मैं एक सकारात्मक परिणाम के प्रति आशावान हूं।" बशीर यहां बातचीत के लिए आए पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

पाकिस्तान चाहता है कि बातचीत में आतंकवाद के संकीर्ण एजेंडे से आगे बढ़ कर कश्मीर जैसे मुद्दे को भी शामिल किया जाए। बशीर ने कहा, "हम नई दिल्ली के साथ आतंकवाद सहित सभी मुद्दों पर बातचीत करना चाहता हैं, लेकिन हमारी मुख्य प्राथमिकता कश्मीर होगी।"

बशीर ने कहा, "भारत को समझना चाहिए कि आतंकवाद अब एक अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा है।"

दूसरी ओर नई दिल्ली ने कहा है कि वह खुले दिमाग से बातचीत में हिस्सा लेने जा रही है। उसकी दृष्टि सीमा पार से जारी आतंकवाद जैसी चिंता के मुद्दों पर स्थिति को साफ करने की है।

सरकार के एक सूत्र ने कहा, "हम खुले दिमाग से बातचीत करने जा रहे हैं लेकिन मुंबई हमले के बाद पैदा हुए अविश्वास के हालात द्वारा थोपी गई सीमाओं के प्रति पूरी तरह सचेत हैं।"

सूत्र ने कहा, "हालांकि हम परिणाम का पूर्व आकलन नहीं कर रहे हैं।"

सूत्र ने कहा, "नई दिल्ली इस मामले की जटिलताओं से पूरी तरह वाकिफ है, फिर भी इस अवसर का लाभ उठा कर माहौल को यथासंभव अनुकूल बनाने की कोशिश की जाएगी और भविष्य की बातचीत की संभावनाओं की दिशा में यहां तक कि कोई छोटा भी कदम पहले खुद से बढ़ाया जाएगा।"

बातचीत के केंद्र में आतंकवाद को रखते हुए विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने संसद में कहा, "दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच 25 फरवरी की बैठक समग्र वार्ता प्रक्रिया को बहाल करना नहीं है।"

एक सवाल के जवाब में कृष्णा ने लोकसभा में कहा, "प्रस्तावित बातचीत में आतंकवाद से संबंधित भारत की मुख्य चिंताओं पर प्रमुखता से जोर दिया जाएगा।"

पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में बशीर के अलावा दक्षिण एशिया डिविजन के निदेशक अफरासियाब, पाकिस्तानी उच्चायुक्त शाहिद मलिक, पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता अब्दुल बासित और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

भारतीय दल में पाकिस्तानी मामलों के प्रभारी संयुक्त सचिव वाई.के.सिन्हा, इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश शामिल होंगे।

प्रतिनिधिमंडल स्तर की यह बातचीत गुरुवार को कम से कम दो घंटे तक चलेगी।

पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन से मुलाकात करेगा। यह प्रतिनिधिमंडलशुक्रवार की सुबह विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा से भी मुलाकात करेगा और उसके बाद इस्लामाबाद के लिए रवाना हो जाएगा।

इस बीच कश्मीर घाटी के अलगाववादी नेताओं ने बुधवार को बशीर से यहां मुलाकात की और भारत-पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित बातचीत में कश्मीरियों को भी शामिल किए जाने की मांग की।

हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने दक्षिणी दिल्ली इलाके में स्थित एक होटल में बशीर से मुलाकात की।

पाकिस्तान समर्थक गिलानी ने अपनी 15 मिनट की बातचीत के बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। वह इलाज के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।

बैठक के बारे में जब गिलानी से पूछा गया तो उन्होंने आईएएनएस को बताया, "पाकिस्तान कश्मीर की आजादी के संघर्ष में कश्मीरियों को नैतिक और राजनीतिक समर्थन देता आ रहा है और वह इस तरह का समर्थन जारी रखेगा। हम कश्मीर मुद्दे पर त्रिपक्षीय बातचीत चाहते हैं।"

हुर्रियत के नरमपंथी धड़े के नेताओं ने भी संगठन प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व में बशीर से मुलाकात की। फारूक के साथ अब्दुल गनी भट्ट, आगा सैयद हसन और बिलाल गनी लोन भी थे।

मीरवाइज ने आईएएनएस को बताया, "हमने जम्मू एवं कश्मीर के हालात और मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में बशीर को जानकारी दी। हमने बातचीत में कश्मीरियों को शामिल किए जाने के लिए भी उनसे कहा और यह भी कहा कि राव के साथ बातचीत के उनके एजेंडे में कश्मीर का मुद्दा शीर्ष पर होना चाहिए।"

जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के नेता यासीन मलिक ने बशीर के साथ अलग से मुलाकात की।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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