अमेरिकी घरों को रोशन करेगा
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 24 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय मूल का एक अमेरिकी रॉकेट विज्ञानी प्राकृतिक गैस ईंधन से चलने वाले बॉक्स के आकार के संयंत्र के उद्घाटन की तैयारी में है। अगले 10 वर्षो में इसके माध्यम से अधिकांश अमेरिकी घरों में पर्याप्त, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है।
सिलिकॉन वैली में स्वच्छ ऊर्जा के लिए ब्लूम एनर्जी के संस्थापक के.आर. श्रीधर (49 वर्ष) बुधवार को कैलीफोर्निया के सैन जोस में अपने पहले ग्राहक ईबाई के परिसर में एक बड़े समारोह में अपनी खोज को सार्वजनिक रूप से पेश करेंगे।
इस समारोह में कैलीफोर्निया के गवर्नर अर्नोल्ड श्वार्जनेगर, पूर्व विदेश मंत्री कोलिन पावेल, ईबाई के मुख्य कार्यकारी जान डोनाओ जैसी हस्तियां उपस्थित होंगी।
श्रीधर ने अपने जादुई बॉक्सों के उत्पादन के लिए 40 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। नया अविष्कार पहले से ही काफी चर्चा में है और रविवार को सीबीएस पर कार्यक्रम '60 मिनट' में इसका प्रसारण किया गया।
एयरोस्पेस और मेकेनिकल इंजीनियरिंग के पूर्व प्रोफेसर और एरिजोना विश्वविद्यालय के स्पेस टेक्न ोलॉजीज लेबोरेट्री के निदेशक रहे श्रीधर ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा में भी सलाहकार के रूप में काम किया। मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतरने के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के एक साधन के विकास पर नासा में काम करते समय श्रीधर को ब्लूम बॉक्स का विचार आया।
श्रीधर के अनुसार प्राकृतिक गैस से संचालित उनका ब्लूम बॉक्स तेल से चलने वाले बिजली संयंत्रों की तुलना में आधे से कम कार्बन डाई ऑक्साइड गैस का उत्सर्जन करता है। कार्यक्रम '60 मिनट' में उन्होंने कहा कि रोटी के आकार का उनका संयंत्र एक किलोवॉट तक बिजली का उत्पादन कर सकता है।
एक बॉक्स की कीमत करीब 3,000 डॉलर होगी। इस समय ईबाई और गूगल जैसी कंपनियां सीमित क्षमता के ब्लूम बॉक्सों का उपयोग कर रही हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications