शहीद कैप्टन ने सेना के लिए छोड़ दी थी निजी कंपनी की नौकरी
देवेंदर के पिता भूपेंदर सिंह ने बुधवार को कहा कि वह इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद एमबीए कर रहा था। इसी बीच उसे कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से निजी कंपनी में नौकरी मिल गई थी लेकिन उसने सेना में भर्ती होने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा, "वह शुरू से ही सेना में जाने को लेकर उत्सुक था। निजी कंपनी की नौकरी का प्रस्ताव छोड़कर सेना में जाने के उसके निर्णय का हमने समर्थन दिया था।"
डाबर इंडिया लिमिटेड में महाप्रबंधक रह चुके भूपेंदर सिंह अपने परिवार के साथ इंदिरापुरम में रहते हैं।
उन्होंने कहा, "उसने शनिवार को मुझसे बात की थी और कहा था कि वह होली में घर आएगा"
इससे पहले देवेंदर अपनी दादी का देहांत होने पर पिछले साल घर आए थे।
उल्लेखनीय है कि सोपोर में मंगलवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में देवेंदर की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications