रेल बजट प्रतिक्रियाएं : उत्तर प्रदेश की जनता ने हर तबके का बजट बताया
प्रदेश की जनता ने बढ़ती महंगाई और मंदी के बीच यात्री किराए में वृद्धि न करने, रेलगाड़ियों में महिलाओं की सुरक्षा का खास ध्यान रखते हुए महिला वाहिनी का गठन करने, रेलगाड़ियों और स्टेशनों पर पीने का पानी सस्ता करने, एसी और स्लीपर कोचों में सर्विस शुल्क घटाने, सेवानिवृत सैनिकों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) में भर्ती करने का अवसर देने, रेलवे परीक्षाएं क्षेत्रीय भाषाओं में कराने, कैंसर पीड़ितों को मुफ्त यात्रा और जिला मुख्यालयों और पंचायतों में आरक्षण काउंटरों खोलने और उत्तर प्रदेश को नई रेलगाड़ियां देने के लिए रेल मंत्री ममता बनर्जी को धन्यवाद दिया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के. एन. सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में ममता बनर्जी द्वारा पेश किए गए इस रेल बजट को हर तबके का बजट बताया। उन्होंने कहा कि बेकाबू होती महंगाई के बीच रेलमंत्री ने आम लोगों का ध्यान रखते हुए यात्री किराया नहीं बढ़ाया। यह बड़ी बात है। जनता को रेल मंत्री से जिस तरह के बजट की उम्मीद थी, कमोबेश वैसा ही बजट उन्होंने पेश किया।
लखनऊ स्थित भारतीय स्टेट बैंक की एक शाखा में मैनेजर जी. एस. पाल ने कहा कि रेल मंत्री ने अपने बजट में देश के हर आदमी और हर क्षेत्र का ख्याल रखा है। रेलगाड़ियों में पीने के पानी को सस्ता करना एक महत्वपूर्ण कदम है।
श्यामा प्रसाद मुकर्जी चिकित्सालय में कार्यरत डॉक्टर कंचन पंत ने कहा कि आज रेल में सफर के दौरान महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। रेलगाड़ियों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला वाहिनी बल का गठन करने की बात एक स्वागत योग्य कदम है। महिलाओं के लिए मातृभूमि एक्सप्रेस रेलगाड़ियां चलाने का एलान भी महत्वपूर्ण सौगात है।
थल सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी अमरेश यादव ने कहा कि रेलमंत्री द्वारा भूतपूर्व सैनिकों को तवज्जो देकर उन्हें आरपीएफ में भर्ती करने का प्रस्ताव ऐतिहासिक कदम है। हम रेलमंत्री से इस प्रस्ताव से बहुत खुश हैं।
विद्युत विभाग में कार्यरत सर्वराज यादव ने कहा कि रेल मंत्री ने यात्री किराया न बढ़ाकर आम जनता को एक बड़ी राहत दी है। इसके अलावा शयनयान और एयरकंडीशन कोचों के सर्विस शुल्क में 20 और 10 रुपये की कमी करने से आम आदमी पर कुछ भार कम होगा।
क्रिश्चियन कॉलेज के छात्र अभिषेक मिश्रा ने कहा कि रेल मंत्री ममता बनर्जी ने इस बजट में उत्तर प्रदेश को ज्यादा कुछ नहीं दिया। हमें उम्मीद थी कि आबादी के हिसाब से देश के इस सबसे बड़े राज्य को कई नई रेलगाड़ियों का तोहफा मिलेगा। फिर भी इसे संतोषजनक बजट कहा जा सकता है। रेलवे की परीक्षाओं को क्षेत्रीय भाषाओं में करवाने की घोषणा स्वागत योग्य है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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