'युनियन कार्बाइड कचरे को ठिकाने लगाने का पूर्व परीक्षण महज ढोंग'
खतरनाक कचरे को रामकी एनविरो इंजीनियर्स लिमिटेड, हैदराबाद की एक इकाई, मध्य प्रदेश कचरा प्रबंधन परियोजना द्वारा ठिकाने लगाया जाना है। इस कचरे को धार जिले के पीतमपुरा में स्थित कामन ट्रांसपोर्ट स्टोरेज एंड डिस्पोसजल फैसिलिटी (सीटीएसडीएफ) में ठिकाने लगाया जाना है।
इंटरनेशनल कंपेन फॉर जस्टिस इन भोपाल (आईसीजेबी) की हाजिरा बी ने आईएएनएस को बताया, "पीतमपुरा स्थित सीटीएसडीएफ में खतरनाक कचरे को ठिकाने लगाने के लिए भट्टी को शुरू हुए तीन साल से भी अधिक समय बीत चुके हैं, लेकिन यह परियोजना कई सारे पर्यावरण नियमों का पालन करने में विफल साबित हुई है।"
हाजिरा बी ने कहा, "परिणामस्वरूप यह मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी) से जरूरी अनुमति पाने की स्थिति में नहीं आ पाया है।"
हाजिरा बी ने कहा, "भट्टी को पूर्व परीक्षण के लिए तब तक नहीं चलाया जा सकता, जब तक कि इस काम के लिए इस संयत्र को पर्यावरण संरक्षण कानून-1986 के तहत एमपीपीसीबी से अनुमति नहीं मिल जाती।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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