सिटी लिमौजाइंस ने 'चक दे इंडिया' में निवेश नहीं किया : वाईआरएफ
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मसूद को धोखाधड़ी के मामले में इसी महीने गिरफ्तार किया है।
वाईआरएफ (विपणन एवं संचार) के उपाध्यक्ष रफीक गंगजी ने आईएएनएस को बताया, "वाईआरएफ किसी फिल्म में निवेश के लिए दूसरों से पैसा नहीं लेती है और यह खबर पूरी तरह से गलत है।"
उन्होंने बताया, "फिल्म के वीसीडी में प्रचार के लिए लिमौजाइंस से विज्ञापन शुल्क लिया गया था। उस वक्त भारतीय महिला हॉकी टीम के प्रायोजक होने के नाते उनके लिए यह सौदा महत्वपूर्ण था। यह राशि करीब 35 लाख रुपये की थी।"
मसूद किराए पर दी जाने वाली कार कंपनी 'सिटी लिमौजाइंस' के प्रबंध निदेशक हैं। कथित तौर पर एक संदिग्ध निवेश योजना चलाकर लोगों के करोड़ों रुपये इधर-उधर करने के लिए मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने चार फरवरी को दिल्ली में उन्हें गिाफ्तार किया था।
पूछताछ के दौरान मसूद ने अधिकारियों को बताया था कि उसने फिल्म में एक करोड़ रुपये निवेश किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications