जमुई कांड के नक्सलियों में शामिल थे बच्चे

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गौरतलब है कि इस हमले में 12 गांववालों की जानें गयीं हैं। गांववालों से मिली जानकारी के आधार पर माना जा रहा था कि हमला व्यापक स्तर पर और बड़े ही सुनियोजित ढंग से किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी बताया था कि पुलिस वारदात के तीन घंटे बाद उस स्थान पर पहुंची थी।
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इस हमले में नक्सलियों ने पूरे गांव में मौत का तांडव सा मचाया था। उल्लेखनीय है कि नक्सलियों ने गांववालों का समर्थन ना प्राप्त होने की वजह से उन से बदला लेने के लिए इस हमले को अंजाम दिया था। गांववाले नक्सलियों के खिलाफ पुलिसवालों के समर्थन कर रहे थे। हालांकि इस घटनाक्रम के बाद गांववालों में पुलिस के खिलाफ रोष व्याप्त है।
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पुलिस किस तरह की जांच के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंची है, इसका विवरण पुलिस ने नहीं दिया है। अब तक माओ वादियों को बच्चों को प्रशिक्षण दिये जाने की बातें सुनी जाती रही हैं। लेकिन ये पहला ऐसा मौका है जब किसी नक्सली हमले में बच्चों को शामिल बताया जा रहा है।












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