रजाक के फैसलों में मेरा हाथ नहीं होता : रोसमा मंसूर
रोसमा अक्सर रजाक के विदेश दौरों में उनके साथ रहती है। हाल ही में वे दोनों भारत आए थे। पति के फैसले के पीछे हाथ होने के सवाल पर उन्होंने कहा, "मैंने इसके बारे नहीं सुना है लेकिन मैं भावुक हूं यह भी गलत है। मैं थोड़ा मुखर या मिलनसार हो सकती हूं.।"
उन्होंने एक टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, "लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि नजीब एक संकोची व्यक्ति हैं। मैं अपने असहमतियों को कह कर बता देती हूं। मैं किसी बात को मन में नहीं रखती।"
रोसमा ने कहा कि नजीब एक ऐसे इंसान है जिनके बारे में कुछ भी कहा जाए कम है। उन्हें कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा लोगों से कहती हूं कि नजीब को कम करके न आंका करें वह जल्दी नाराज नहीं होते हैं लेकिन उन्हें उत्तेजित न करे। अगर उन्हें गुस्सा आ गया, तो आपको कोई नहीं बचा सकता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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