कोड़े की सजा को जायज मानती हैं 3 पीड़ित महिलाएं
मलेशिया की इन तीनों महिलाओं को अवैध संबंध बनाने के आरोप में कोड़े की सजा दी गई थी। इनमें से एक महिला को यह सजा गुरुवार को दी गई जिसके खिलाफ मानवाधिकार और महिला संगठनों ने पुरजोर प्रदर्शन किया।
स्थानीय समाचार पत्र 'न्यू स्ट्रेट्स टाइम्स' में शुक्रवार को इन तीनों महिलाओं का साक्षात्कार प्रकाशित हुआ। इसमें इन तीनों ने अपने तर्को के साथ कोड़े बरसाए जाने की सजा को उचित करार दिया। कभी यहां कोड़े की सजा सिर्फ पुरुषों को दी जाती थी।
इनमें एक महिला 25 वर्षीय आयू (बदला नाम) ने बताया कि उसे यह सजा उस दिन मिली जब उसकी बच्ची एक महीने की हो गई थी। उसका कहना है कि उसे एक महीने जेल में भी रहना पड़ा।
आयू ने अखबार से बातचीत में कहा, "जिस दिन मुझे कोड़े लगाए गए, उस दिन मैं डरी हुई थी। परंतु यह जानती थी मैं इस सजा के लायक हूं और यह सजा भुगतने की मेरी इच्छा भी थी। यह सजा उसी तरह है कि जैसे पहले महिलाओं को किसी जुर्म के लिए जेल होती थी और उन पर जुर्माना लगता था।"
दूसरी महिला आयशा (बदला नाम) ने कहा, "मुझे अपनी हरकत का अफसोस है। मुझे इस सजा से सबक मिला है। इस घटना के बाद मैं पहले से कहीं ज्यादा परिपक्व हुई हूं।"
तीसरी महिला नूर (बदला नाम) ने कहा कि उसे एक महीने की जेल और छह कोड़ों की सजा हुई। उसका कहना है कि कोड़े की सजा उसने राहत महसूस की और इस बात से खुश थी अब जिंदगी में आगे की ओर से देख सकेंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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