प्रधानमंत्री के विशेष दूत का पद छोड़ेंगे श्याम सरन (लीड-1)
सरन ने आईएएनएस से कहा, "यह कोई नई बात नहीं है। मैंने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पहले ही सूचित कर दिया है कि 14 मार्च को उनका आखिरी कार्य दिवस होगा।"
सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि पिछले दिनों उनसे तीन साल कनिष्ठ शिवशंकर मेनन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी, जबकि सरन भी इस दौड़ में शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल जुलाई में विदेश सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए मेनन को जनवरी में एम. के. नारायणन की जगह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बना दिया गया।
भारत की जलवायु परिवर्तन कूटनीति में सरन मुख्य वार्ताकार रहे हैं। पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जलवायु परिवर्तन और भारत-अमेरिका परमाणु मुद्दे पर प्रधानमंत्री के विशेष दूत श्याम सरन को 14 मार्च तक कार्यमुक्त होने की अनुमति प्रदान की जाती है।
पीएमओ सूत्रों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन वार्ता के मुद्दे पर भारत की स्थिति एक सक्रिय देश की है। इसलिए प्रधानमंत्री देश की जलवायु कूटनीति को आगे बढ़ाने के लिए सरन को अधिक जिम्मेदारियां देने के इच्छुक थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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