पुलिस अत्याचार पर मायावती का रुख कड़ा, 4 को किया बर्खास्त
सुल्तानपुर जिले के मुसाफिरखाना थाना प्रभारी कैलाश नाथ दुबे को एक दलित महिला को थाने में पीटने के कारण तो दूसरी ओर इलाहाबद के घूरपुर थाना प्रभारी विनोद दुबे व दो सिपाहियों को पुलिस हिरासत में दो आरोपियों की पिटाई से हुई मौत के आरोप में बर्खास्त किया गया है।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह फतेह बहादुर सिंह ने गुरुवार को लखनऊ में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सुल्तानपुर जिले के मुसाफिरखाना थाने में हत्या की एक अभियुक्त दलित महिला से पूछताछ के दौरान थाना प्रभारी कैलाश नाथ दुबे द्वारा अभद्रता व मारपीट किए जाने की बात सामने आने के बाद गुरुवार को आरोपी थाना प्रभारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
इससे पहले पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर सत्येंद्र वीर सिंह ने थाना प्रभारी को निलंबित कर उसके खिलाफ जांच के आदेश दिए थे।
मुसाफिर खाना थाना क्षेत्र के मनियारी गांव में मंगलवार रात को एक दलित महिला ने सोते समय अपने पति की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इस महिला ने बुधवार को थाने जाकर पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल भी कर लिया था, लेकिन थाना प्रभारी ने उसे मीडियाकर्मियों के सामने पीटा था।
सिंह ने कहा कि इलाहाबाद जिले के घूरपुर थाने में गत सोमवार को पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से दो आरोपियों संजय और अशोक की मौत के मामले में थाना-प्रभारी विनोद दुबे, सिपाही हरिप्रकाश राय और सिपाही अनिल सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
इस मामले में आरोपी थाना प्रभारी सहित नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता से बुरा बर्ताव करने वाले पुलिसकर्मियों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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