अफगानिस्तान में नाटो के हमले में 12 नागरिकों की मौत
मारजाह और दक्षिणी हेलमंड प्रांत के पड़ोसी क्षेत्रों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन मोशतारक के दूसरे दिन रविवार की देर रात एक घर पर हुए एक रॉकेट हमले में ये लोग मारे गए।
वर्ष 2001 में शुरू हुए अफगान युद्ध के बाद से तालिबान के खिलाफ यह नाटो का एक बड़ा हमला था। यह हमला मुख्य रूप से हेलमंड प्रांत में किया गया था।
इस ताजा हमले को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की अफगानिस्तान में 30,000 सैनिकों को तैनात किए जाने की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है हालांकि अमेरिका की 2011 तक सेना को वापस बुला लेने की योजना है।
हेलमंड के प्रांतीय गवर्नर दाउद अहमदी ने पत्रकारों को बताया, "माजराह के कुछ इलाकों में बम बरसाए गए थे जिसके परिणामस्वरूप 12 तालिबानी मारे गए हैं।"
तालिबानियों के खिलाफ यह ऑपरेशन शनिवार को शुरू हो गया था जब मारजाह और पास ही स्थित नाद अली जिले में सैनिकों को ले जाने वाले हेलीकॉप्टर दिखने लगे थे।
नाटो के नेतृत्व वाली सेना ने कहा है कि अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो के कमांडर जनरल स्टेनले मैकक्रिस्टल ने नागरिकों की मौत के लिए अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई से माफी मांगी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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