कैंसर रोधी यौगिक तैयार करेंगे वैज्ञानिक
येल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अध्ययन में पता चला है कि कीनामाइसिंस नामक यौगिकों का समूह बैक्टीरिया के द्वारा चयापचय के दौरान प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होता है और अपने प्रबल विषाक्तता के लिए जाना जाता है।
सालों से वैज्ञानिक मानते रहे हैं कि विषाक्तता के लिए जिम्मेदार यौगिकों के समूह की मूल संरचना एक समान होती है, लेकिन अब तक मूल संरचना का अध्ययन नहीं हो पाया, क्योंकि इसे प्रयोगशाला में निर्मित नहीं किया जा सका।
अब येल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस संरचना को दोबारा स्थापित करने का तरीका खोज निकाला है, जिससे कीनामाइसिन का संश्लेषण पहले की तुलना में तेजी से हो सकेगा।
येल विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान के सहायक प्रोफेसर सेथ हेरजॉन के अनुसार, असली सफलता तब प्राप्त होगी जब हम गैर-कैंसरग्रस्त ऊतकों में कैंसरग्रस्त कोशिकाओं को खत्म कर सकें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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