'भारतीय प्रभाव घटाने के वास्ते पाक का तालिबान से वार्ता का प्रस्ताव'
अमेरिका के प्रभावशाली अखबार ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा है कि वह अफगान युद्ध को समाप्त करने में केंद्रीय भूमिका चाहता है और तालिबान के गुटों से वार्ता में मध्यस्थता की पेशकश की।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य अमेरिका के अफगानिस्तान से हटने के बाद पाकिस्तान के प्रभाव को कायम रखना है। तालिबान के साथ सुलह से अमेरिकी हितों को फायदा और नुकसान दोनों हो सकता है।
अखबार ने अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी के हवाले से कहा कि पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने पिछले महीने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के मुख्यालय में शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक में मध्यस्थता की इच्छा जाहिर की थी।
अखबार के अनुसार पाकिस्तान के प्रस्ताव ने स्पष्ट कर दिया कि युद्ध के किसी भी स्थाई हल का श्रेय अफगानिस्तान के पड़ोसी देश के खाते में जाएगा। इस क्षेत्र में पाकिस्तान, भारत, चीन, ईरान और अन्य ताकतें अपना प्रभाव स्थापित करने के प्रयास में हैं।
पाकिस्तानी और अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से अखबार ने कहा कि हक्कानी पर वापस लगाम लगाने का प्रयास कर रहा पाकिस्तान फिर से अफगानिस्तान से मित्रवत व्यवहार बनाने और वहां भारत के बढ़ते प्रभाव को कम करने का इच्छुक है।
अमेरिकी प्रशासन जनरल कयानी को हक्कानी के खिलाफ उत्तरी वजीरिस्तान में अभियान शुरू करने को कह रहा है लेकिन कयानी ऐसा करने के इच्छुक नहीं हैं।
अखबार के अनुसार कयानी ने पिछले सप्ताह संवाददाताओं से कहा कि उत्तरी वजीरिस्तान में सैन्य अभियान शुरू करने की आवश्यकता नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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