दुनिया की 40 फीसदी जमीन के मरुस्थल होने का खतरा
स्पेन के इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रो फूड रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (आईआरटीए) में इस शोध की अगुवाई करने वाले मोंटेसेराट नुनेज के मुताबिक, अरक्षणीय उपयोग के कारण जमीन बंजर होती जा रही है। यदि यह स्पेन जैसे शुष्क, अर्ध शुष्क और शुष्क उप-आद्र्र क्षेत्रों में हो, तो इस क्षय को मरुस्थलीकरण के रूप में जाना जाता है और यह अपरिवर्तनीय हो जाता है क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र की जमीन के बंजर होने का खतरा बढ़ जाता है।
जिन आठ प्राकृतिक क्षेत्रों में इसका खतरा है, उनमें तटीय क्षेत्र, घास के बड़े मैदान, भूमध्य क्षेत्र, सवाना के जंगल, समशीतोष्ण मैदान, समशीतोष्ण रेगिस्तान, ऊष्णकटिबंधीय व उपोष्णकटिबंधीय मैदान और ऊष्णकटिबंधीय व उपोष्णकटिबंधीय रेगिस्तान शामिल हैं।
नुनेज कहते हैं कि इससे सबसे ज्यादा खतरा उपोष्णकटिबंधीय रेगिस्तान क्षेत्र के तहत आने वाले उत्तर अफ्रीका, मध्य पूर्व के देशों, दक्षिण पश्चिम चीन और दक्षिणी अमेरिकी के पश्चिमी किनारे वाले क्षेत्रों में है।
इस शोध में नुनेज के साथ बार्सिलोना की ऑटोनॉमस विश्वविद्यालय और अर्जेटीना के मेंडोजा की राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक भी शामिल रहे।
यह शोध लाइफ साइकल असेसमेंट के अंतर्राष्ट्रीय जर्नल के ताजा अंक में प्रकाशित हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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