बिहार में कोचिंग संस्थानों पर लगाम के लिए बनेगा कानून
सिंह ने कहा, "सरकार जल्द ही कोचिंग संचालकों पर लगाम कसने के लिए नियमावली बनाएगी। पटना में कई ऐसे कोचिंग संस्थान हैं जहां छात्रों का शोषण किया जा रहा है। शिक्षा विभाग छात्रों का शोषण नहीं होने देगी।"
छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दे का कई लोगों ने समर्थन किया है लेकिन वे उनके विरोध के तरीके को जायज नहीं ठहरा रहे हैं। पटना के प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान 'सुपर थर्टी' के संचालक आनंद कुमार ने कहा कि इस स्थिति में छात्रों को धकेलने के लिए कोचिंग माफिया जिम्मेदार हैं। उन्होंने माना कि आज कई ऐसे कोचिंग संस्थान हैं जो छात्रों के नामांकन के समय कहते कुछ और हैं और करते कुछ हैं। यद्यपि उन्होंने कहा कि छात्रों का विरोध का रवैया सही नहीं है।
आनंद ने कहा, "सुपर थर्टी में तो कोई भी छात्र विरोध करने नहीं आया। यह इस बात को साबित करता है कि छात्र सिर्फ उन्हीं कोचिंग संस्थानों के विरोध में हैं जो उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।"
पटना विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति (प्रो-वाइसचांसलर) एस़ आई़ हसन ने कहा कि पटना में कोचिंग एक कारोबार सा बन गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई ठीक ढंग से नहीं होने के कारण छात्र कोचिंग संस्थानों में जाते हैं।
हसन ने कहा, "पटना में कई कोचिंग संस्थानों में छात्रों का आर्थिक दोहन होता है। छात्रों का विरोध जायज है लेकिन उनके रवैये से पूरा शहर दहशत में आ गया है जो उचित नहीं है।"
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष क़े पी़ यादव ने कहा, "मेरे ख्याल से सरकार को कोचिंग संस्थानों के लिए कोई नीति बनानी चाहिए। छात्रों को भी कोचिंग में नामांकन लेने के पहले जांच पड़ताल कर लेनी की बात कही।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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