गोवा के स्वास्थ्य मंत्री से मिलने गए थे बाघ शिकारियों के परिजन
यहां से करीब 60 किलोमीटर दूर उत्तरी गोवा के महादी वन्यजीव अभ्यारण्य में बाघ का शिकार हुआ था।
आईएएनएस को गोवा के मुख्य वन संरक्षक सुशील कुमार के कार्यालय के सूत्रों से जांच के गोपनीय दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, जिसमें बताया गया है कि कैसे बाघ का शिकार किया गया? साथ ही इसका भी जिक्र है कि अभियुक्त गोपाल, नागेश माजिक और उनके परिजनों ने बहुत सफाई से सबूत नष्ट कर दिए।
वन विभाग को दिए बयान में मृत बाघ का चित्र लेने वाले अंकुश माजिक ने कहा कि पणजी के रास्ते उन लोगों ने 'बाबा' (स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे) से मिलने के बारे में सोचा था, लेकिन वह अपने घर पर नहीं थे। इसलिए वे लोग पुराने गोवा लौट गए।
स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे, गोवा विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे के पुत्र हैं। वह पोरीम में रहते हैं, इसी विधानसभा क्षेत्र में बाघ का शिकार हुआ था।
माजिक ने अपने बयान में कहा, "नजदीक पहुंचने पर मैंने देखा कि बाघ मर चुका था। उसके बिजली के तार की चपेट में आने से वहां बदबू आ रही थी और उसके पेट पर मक्खियां घिर आईं थी।"
वहीं माजिक ने पुलिस को दूसरा बयान दिया, जिसे मुकदमे की सुनवाई के दौरान शामिल नहीं किया जाएगा।
मामले की जांच पर सुशील कुमार ने कुछ बोलने से मना कर दिया, जबकि स्वास्थ्य मंत्री राणे प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं हुए।
मामले की जांच को लेकर वन विभाग के उच्च अधिकारियों की पहले ही काफी आलोचना हो चुकी है। इस मामले का खुलासा नामी वन्यजीव कार्यकर्ता राजेंद्र केरकार ने किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications