देश की विकास दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान (राउंडअप)
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी अग्रिम अनुमानों के अनुसार सेवा क्षेत्र में 9.9 प्रतिशत और विनिर्माण क्षेत्र में 8.9 प्रतिशत की वृद्धि की भविष्यवाणी की गई है, जो आठ बड़े आर्थिक क्षेत्रों में सर्वाधिक है।
इसके बाद खनन और उत्खनन क्षेत्र में 8.7 प्रतिशत, व्यापार, होटल, परिवहन और संचार क्षेत्र में 8.3 प्रतिशत और ऊर्जा एवं जल तथा सामाजिक एवं सामुदायिक सेवाओं में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन इस एजेंसी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष की 31,821 रुपये प्रति व्यक्ति आय के इस वित्त वर्ष में 5.4 प्रतिशत बढ़कर 33,540 रुपये होने की भी संभावना है।
बयान में कहा गया है कि ये अग्रिम अनुमान कृषि और औद्योगिक उत्पादन के अनुमानित स्तर, बजट अनुमानों और सरकारी व्यय के विश्लेषण और रेलवे, परिवहन, संचार, बैंकिंग तथा बीमा क्षेत्रों के अब तक के उपलब्ध प्रदर्शन पर आधारित हैं।
इस वित्तीय वर्ष के दौरान आठ महत्वपूर्ण व्यापार क्षेत्रों की प्रतिशत वृद्धि नीचे दी गई है। पिछले वर्ष के आंकड़े कोष्ठक में दिए गए हैं।
- कृषि, वानिकी और मत्स्य : -0.2(1.6)
- खनन और उत्खनन : 8.7 (1.6)
- विनिर्माण : 8.9 (3.2)
- विद्युत, गैस और जल आपूर्ति 8.2 (3.9)
- निर्माण : 6.5 (5.9)
- व्यापार, होटल, परिवहन और संचार : 8.3 (7.6)
- वित्त, बीमा, अचल संपत्ति व्यापार सेवाएं : 9.9 (10.1)
- सामुदायिक, सामाजिक और व्यक्तिगत सेवाएं : 8.2(13.9)
सीएसओ का यह अनुमान वित्त मंत्रालय द्वारा व्यक्त अनुमानों से कम है। वित्त मंत्रालय ने 7.75 प्रतिशत विकास दर का अनुमान व्यक्त किया था और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में 7.5 प्रतिशत विकास दर का अनुमान लगाया था।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के महासचिव अमित मित्रा ने कहा, "पिछले वित्त वर्ष के 6.7 प्रतिशत विकास दर के मुकाबले मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 7.2 प्रतिशत विकास दर का अनुमान एक उल्लेखनीय बदलाव को प्रदर्शित करता है।"
मित्रा ने कहा है, "कृर्षि क्षेत्र में नकारात्मक रुझान के कारण कुछ दिक्कत आई है, लेकिन यह दिक्कत उतनी बड़ी नहीं है, जितने की पहले अनुमान किया गया था। कुल मिलाकर इन आंकड़ों ने भारतीय अर्थव्यवस्था और वृद्धि का एक बहुत ही मजबूत तस्वीर प्रस्तुत करता है।"
उधर, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने भी सोमवार को उम्मीद जताई कि भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगी।
यहां आयोजित दूसरे भारत-अरब निवेश सम्मेलन में शर्मा ने कहा, "उम्मीद है कि इस वर्ष हमारी वृद्धि दर लगभग 7.5 प्रतिशत रहेगी। हमारी सरकार विकास को और तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
शर्मा ने कहा कि अरब देशों के साथ मौजूदा 114 अरब डॉलर के वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को भारत दोगुना करना चाहता है।
उन्होंने कहा, "हमने वर्ष 2014 तक अरब देशों के साथ व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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