अदालत के बाहर राठौड़ पर हमला (लीड-3)
राठौड़ सेक्टर 17 स्थित जिला अदालत से बाहर निकलकर अपनी कार की ओर बढ़ रहे थे तभी युवक ने उनकी गर्दन पकड़ ली और उन पर चाकू से तीन बार हमला किया। हमले के समय उनकी पत्नी व वकील आभा राठौड़ उनके साथ मौजूद थीं।
राठौड़ का दाहिना गाल कट गया और उसके चेहरे से खून बहने लगा। कुछ वकील उसे तुरंत इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले गए थे। हमलावर युवक की पहचान अहमदाबाद के रहने वाले उत्सव के रूप में की गई है। उसने पुलिस को बताया कि वह अहमदाबाद में फिल्म निर्माण की पढ़ाई कर रहा है।
युवक ने स्वयं को स्वतंत्र पत्रकार बताया और सुबह से ही अदालत परिसर के आस-पास घूम रहा था।
हमलावर मीडियाकर्मियों के बीच राठौड़ का इंतजार कर रहा था। राठौड़ रुचिका मामले में सोमवार से शुरू हुई तीन दिवसीय सुनवाई के लिए यहां पहुंचा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस.एस. श्रीवास्तव ने आईएएनएस को बताया कि हमलावर युवक की मानसिक स्थिति अस्थिर मालूम होती है और वह करीब एक महीने से इस शहर में रह रहा है।
रुचिका मामले में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ राठौड़ की अपील पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में सोमवार से बंद कमरे में सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान मीडिया और मुकदमे से ताल्लुक न रखने वाले लोगों को अदालत से बाहर रखा गया।
अदालत दो मामलों में सुनवाई कर रही है। इनमें से एक मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत द्वारा सजा दिए जाने पर राठौर द्वारा दायर अपील से संबंधित है। दूसरा मामला सीबीआई द्वारा राठौर की सजा छह महीने से बढ़ाकर दो साल के कठोर कारावास में बदलने के लिए की गई अपील से संबंधित है।
सीबीआई की विशेष अदालत ने रुचिका के साथ 12 अगस्त 1990 को हुए दुर्व्यवहार के मामले में राठौर को गत 21 दिसम्बर को दोषी करार दिया था।
राठौर को छह महीने की कठोर कैद और 1,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। इस सजा के तुरंत बाद ही राठौर को जमानत मिल गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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