मप्र में नरेगा में भ्रष्टाचार, मामला दर्ज
भोपाल 8 फरवरी (आईएएनएस) मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। यहां स्कूटर के नंबर को ट्रेक्टर का नंबर बताकर और मस्टर रोल पर फर्जी हस्ताक्षर कर घपला करने का मामला सामने आया है। इस सिलसिले में लोकायुक्त पुलिस ने सात अधिकारियों सहित पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आधिकारिक तौर पर मिली जानकारी मुताबिक शाजापुर जिले की तीन ग्राम पंचायतों बाईहेड़ा, मेंहदी और रामपुरागुर्जर में नरेगा के तहत कराए गए काम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत लोकायुक्त उज्जैन को मिली।
जांच में उजागर हुआ कि फर्जी भुगतान किया गया है। स्कूटर के नंबर को ट्रेक्टर का नंबर बताकर भुगतान किया गया है। इतना ही नहीं मस्टर रोल पर फर्जी अंगूठे और हस्ताक्षर दर्ज कराए गए।
पड़ताल में बात सामने आई कि तीन से चार मजदूरों के खातों से नियम विरूद्घ लाखों का भुगतान किया गया। इन मजदूरों का इससे कोई लेना देना नहीं था। साथ ही जॉब कार्डधारी मजदूरों से काम न कराकर जेसीबी मशीन से काम कराया गया।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश शर्मा के अनुसार तीनों ग्राम पंचायतों में हुए सड़क निर्माण कार्यो में लाखों के घपले का खुलासा हुआ। इसी के आधार पर जनपद पंचायत शाजापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील खत्री, सहायक विकास विस्तार अधिकारी मकसूद अहमद कुरैशी, पंचायत समंवयक महेश सिंह डोंडिया व लक्ष्मी चंद्र, ग्रामीण विकास यांत्रिकी सेवा के अनुविभागीय अधिकारी अशोक, उपयंत्री यशवंत कराड़ा और महेश महोबिया के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इसी तरह तीनों पंचायतों के सरपंचों और पंचायत सचिवों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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