रेल बजट को लेकर बंगाल में बढ़ीं उम्मीदें व शिकायतें
अपराजिता गुप्ता
कोलकाता, 7 फरवरी (आईएएनएस)। पिछले साल के रेल बजट से कई सारी परियोजनाएं पा चुके पश्चिम बंगाल के लोग रेल मंत्री ममता बनर्जी की ओर फिर आशा भरी नजरें लगाए हुए हैं, क्योंकि वह एक बार फिर 24 फरवरी को लोकसभा में रेल बजट पेश करने जा रही हैं।
उधर बनर्जी को वादे न पूरा कर पाने की शिकायतों और बगैर आवश्यक मंजूरियों के आधारशिला रखने के आरोपों का भी सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष 2009 के बजट में बनर्जी ने कोलकाता से लगभग 45 किलोमीटर दूर कंचरापाड़ा में रेल डिब्बे का एक कारखाना लगाने की घोषणा की थी और कहा था कि उनका मंत्रालय बर्न स्टैंडर्ड के बोगी बनाने वाले बीमार कारखाने का अधिग्रहण कर लेगा।
इसके अतिरिक्त बनर्जी ने 309 आदर्श स्टेशनों में से आधा, 50 विश्व स्तरीय स्टेशनों में से पांच, 12 नॉन स्टाप दुरांतों ट्रेनों में से चार को पश्चिम बंगाल के लिए मंजूर किया था। इसके अलावा लुधियाना से कोलकाता तक एक विशेष पूर्वी माल ढुलाई गलियारा और 1,000 मेगावाट के विद्युत संयंत्र को भी राज्य के लिए मंजूरी दी थी।
उसके बाद से बनर्जी एक रेल अस्पताल, एक स्टेडियम और महिलाओं के लिए एक विशेष रेलगाड़ी सहित कई परियोजनाओं की घोषणा कर चुकी है।
बनर्जी ने कोलकाता मेट्रो के बहु दिशात्मक विस्तार, नए रेल संपर्क और कई रेल गाड़ियों की तीव्र गति व विस्तार का वादा भी किया था। लेकिन अभी तक इनमें से कुछ ही वादे पूरे हो पाए हैं।
यद्यपि बनर्जी के अपने आलोचक हैं, लेकिन एक प्रमुख वैगन बनाने वाली कंपनी बनर्जी को और समय देने को तैयार है।
टीटागढ़ वैगन्स के प्रबंध निदेशक उमेश चौधरी ने आईएएनएस को बताया, "कुछ परियोजनाओं को पूरा होने में लंबा समय लगेगा। स्थितियां सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।"
चौधरी ने कहा, "पिछले वर्ष अपनाई गईं सार्वजनिक निजी साझेदारी जैसी कुछ दिशात्मक नीतियां रेलवे के विकास में मददगार होंगी। मैं उम्मीद रखता हूं कि यह स्थिति आगे जारी रहेगी और जारी कार्यो के लिए बजट के आवंटन में वृद्धि होगी।"
वैगन बनाने वाली एक और कंपनी, जेसप के मालिक रुइया समूह के अध्यक्ष पवन कुमार रुइया ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि माल ढुलाई गलियारे का काम तेजी के साथ पूरा होगा। सरकार को बोगियों और वैगन्स के आर्डर देने पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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