प्रधानमंत्री ने आवश्यक वस्तुओं के निर्यात पर रोक लगाने को कहा
नई दिल्ली, 6 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए शनिवार को आवश्यक वस्तुओं के निर्यात पर अस्थाई रोक लगाने तथा राज्य सरकारों से वे सभी कदम उठाने का आग्रह किया जिनसे गरीबों पर और भार न पड़े।
बढ़ती महंगाई खासकर आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में हो रही वृद्धि से निपटने के उपायों पर चर्चा के लिए आयोजित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें बढ़ती महंगाई को काबू में करना है।"
पिछले कई महीनों में रियायती दर की दुकानों के माध्यम से वितरण के लिए अतिरिक्त अनाज जारी करने जैसे अपनी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कदमों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें इन वस्तुओं के निर्यात को प्रतिबंधित करना चाहिए।"
सिंह ने जमाखोरी रोकने के लिए राज्य सरकारों से आवश्यक वस्तु रखरखाव कानून लागू करने और वस्तुओं की कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्रियों को आयातित कच्ची चीनी के प्रसंस्करण की सभी बाधाओं को भी दूर करना चाहिए क्योंकि उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों ने चीनी मिलों में कच्ची चीनी का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है।
देश में खाद्य महंगाई के 17.56 प्रतिशत पर पहुंचने की पृष्ठभूमि में यह एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित हो रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में आलू की कीमतें 50 प्रतिशत, चावल की 11 प्रतिशत, गेंहू की 16 प्रतिशत और दूध की 14 प्रतिशत बढ़ गई हैं।
गैर कांग्रेसी राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों ने बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा ने कहा कि केंद्र सरकार की नाकामी का दोष राज्यों पर थोपना दुर्भाग्यपूर्ण है।
केरल के मुख्यमंत्री वी.एस.अच्युतानंदन ने कहा कि चावल, गेंहू और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में केंद्र सरकार के सुधार नहीं करने के कारण महंगाई बढ़ रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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