दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने की संपत्ति की घोषणा (लीड-1)
पिछले हफ्ते न्यायाधीशों की एक बैठक में संपत्ति की घोषणा को लेकर सहमति बनी थी।
पिछले महीने उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि देश के प्रधान न्यायाधीश का कार्यालय सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे में आता है और इसी के तहत न्यायाधीशों को अपनी संपत्तियों का विवरण देना चाहिए।
केरल और मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पहले ही संपत्तियों की घोषणा कर चुके हैं। इलाहाबाद और दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी इस संबंध में प्रस्ताव पारित किए हैं।
उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने अपने फैसले में सूचना के अधिकार के संबंध में कहा था, "सूचना के अधिकार का व्यापक असर होता है। जिन नागरिकों को ऐसी सूचना चाहिए, उन्हें इसका दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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