मुंबई हमले में आतंकवादियों को संभवत: भारतीय ने की थी सहायता : चिदंबरम
चिदंबरम ने समाचार चैनल सीएनबीसी-टीवी18 को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "26/11 के हमले में एक भेदिया था, जो संभवत: भारतीय था। हमले के कई माह बाद हमें यह पता चला है। वह अबू जिंदल के नाम से जाना जाता था लेकिन यह उसका सही नाम नहीं था।"
उन्होंने कहा कि जब तक संदिग्ध व्यक्ति की आवाज का नमूना हासिल नहीं हो जाता है तब तक अस्पष्टता बनी रहेगी।
चिदंबरम ने कहा कि सवालों के घेरे में आया व्यक्ति संभवत: काफी समय पहले भारत आ गया था ताकि वह स्थानीय भाषा से सहज हो जाए।
उन्होंने कहा, "वह काफी समय पूर्व घुसपैठ कर भारत आया होगा ताकि वह भारतीय पहचान हासिल करने के साथ ही यहां के रहन-सहन में ढल जाए या फिर वह भारत से पाकिस्तान गया हुआ व्यक्ति हो जो आतंकवादियों से मिल गया हो।"
उन्होंने कहा, "अभी हम उस व्यक्ति की पहचान नहीं कर सकते जब तक कि हमें उसके आवाज का नमूना न मिल जाए।"
उन्होंने सवाल उठाया, "और पाकिस्तान हमें आवाज का नमूना नहीं देगा। अब यह कयास लगाया जा सकता है पहला, अबू जिंदल, अबू जिंदल ही हो दूसरा, आपका संदेह सच हो, लेकिन एक गृह मंत्री होने के नाते क्या पास कयास लगा सकते हैं?"
चिदंबरम ने कहा, "मैं कयास नहीं लगा सकता, जब हम कहते हैं कि वह भारतीय हो सकता या फिर वह कोई और हो सकता है जिसने भारतीय की पहचान हासिल कर ली।"
उन्होंने कहा कि अबू जिंदल का असली नाम संभवत: सैयद जाबिउद्दीन अंसारी है जिस पर गुरजात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है और इसके साथ ही वह औरंगाबाद में हथियार मामले में आरोपी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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