भोपाल गैस पीड़ितों के लिए संगीत एलबम
इस एलबम में भारत और नार्वे के संगीतकारों ने अपनी कला से जान डाली है। एलबम में कुल छह ट्रैक (संगीत) हैं। पहला ट्रैक राग भोपाली पर आधारित है, जिसमे तालों के शहर भोपाल की खुबसूरती और पर्यावरण को बयां किया गया है। वहीं दूसरा ट्रैक उस भयावह रात की याद दिला जाता है जिसे 25 वर्ष बाद भी लोग नहीं भूले है। इस ट्रैक को 'संकट में भोपाल' (द सिटी गेट्स इन ट्रवल) नाम दिया गया है और यह राग मधुवती पर आधारित है।
इसी तरह तीसरे ट्रैक 'द पैन' में राग तोड़ी में भोपाल के लोगों के उस दर्द को जाहिर किया गया है जो उन्हें एक रात में यूनियन कार्बाइड संयंत्र से रिसी मिथाइल आसो सायनाइड ने दिए। एलबम का चौथा ट्रैक भारतीय संगीत और पश्चिमी जाज का पर आधारित है, जिसे नाम दिया गया है 'सपोर्ट'। इस ट्रैक में गैस पीड़ितों के संघर्ष को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिले समर्थन को जाहिर किया गया है।
ए.आर. रहमान के सहयोगी रहे वेणुगोपाल की ऑडियोग्राफी में तैयार इस एलबम का पांचवां ट्रैक 'द होप' है, जो गैस पीड़ितों के संघर्ष और जीवन की पुन: शुरुआत के प्रयास को बताता है । यह राग राजेश्वरी पर आधारित है। अंतिम ट्रैक भोपाल गैस पीड़ितों को समर्पित है और यह ट्रैक नार्वे के रचनाकार हेराल्ड इराकर की रचना सत्य (द लोनसम ट्रथ) पर आधारित है। इराकर लंबे समय तक भोपाल गैस पीड़ितों से जुड़े रहे।
इस एलबम की परिकल्पना करने वाली भोपाल सहयोग ट्रस्ट की सचिव साधना कार्णिक ने आईएएनएस को बताया है कि गैस पीड़ितों के दर्द, संघर्ष और नई जिंदगी शुरू करने की कोशिश को संगीत के जरिए जताने का प्रयास है।
एलबम में सितार वादक स्मिता नामदेव, तबला वादक प्रशांत जोशी, घटमवादक आनंद नायडू, मोरचंग वादक सिद्घार्थ पाराशर, नार्वे के फॉक गिटार वादक ए. डब्ल्यू. बेकाय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के निदेशक विकास भट्ट के सहयोग ने दिया है।
इस संगीत एलबम को जल्द ही बाजार में उतारा जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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