नौकरशाहों को सस्ती जमीन देने पर झारखण्ड उच्च न्यायालय की रोक
न्यायाधीश सुशील हरकोली और आरआर प्रसाद की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।
एक वकील राजीव कुमार ने बताया कि खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि वह किन प्रावधानों के तहत इस सोसाइटी को जमीन मुहैया करा रही है। साथ ही यह भी जानना चाहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों को जमीन देने के पीछे कौन से सार्वजनिक हित हैं?
झारखण्ड सरकार ने 28 जनवरी को सांगा गांव की 78.32 एकड़ जमीन बहुत कम कीमत पर सिविल सर्विस ऑफिसर्स कॉपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड को सौंप दी थी। जमीन की रजिस्ट्री 1,200 रुपये प्रति डेसिमल के हिसाब से हुई थी, जबकि बाजार में इस जमीन की मौजूदा कीमत 75 हजार रुपये प्रति डेसिमल है। इस तरह 78.32 एकड़ जमीन की बाजार कीमत 80 करोड़ रुपये से ज्यादा है। मामले की अगली सुनवाई 8 मार्च को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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