दागी न्यायाधीशों को पदोन्नति नहीं देगी सरकार : मोइली
साइबर अपराधों से निपटने के लिए कानून को मजबूत करने की आवश्यकता पर आयोजित एक सम्मेलन से इतर मोइली ने संवाददाताओं से कहा कि न्यायाधीशों की जवाबदेही सुनिश्चित करने और विधानसभाओं तथा संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध कराने के लिए सरकार एक विधेयक पेश करने की तैयारी में है।
मोइली ने कहा, "न्यायाधीशों की जवाबदेही के विधेयक से हम दागी न्यायाधीशों की पदोन्नति न हो यह सुनिश्चित करेंगे। यहां तक कि संदेह की एक हल्की सी सुई भी उनकी पदोन्नति को रोक देगी।"
कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पी.डी.दिनाकरन पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उठे विवाद के बीच मोइली ने यह टिप्पणी की। दिनाकरन को सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश बनने का प्रस्ताव था।
सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के कार्यालय के सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे में होने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मोइली ने कहा कि न्यायपालिका को पारदर्शी होना चाहिए। किसी को भी अपनी लक्ष्मण रेखा नहीं लांघनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधान न्यायाधीश के कार्यालय पर आरटीआई केवल वहीं तक लागू होना चाहिए जहां तक अन्य देशों में लागू है। सरकार अन्य देशों की स्थिति का अध्ययन कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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